Friday, 7 August 2026

डिबिया किसने चुराई?

 

दादी की पान की डिबिया गायब हो गई थी। वह परेशान होकर इधर-उधर ढूँढ रही थीं।

दादी को पान खाने की आदत थी। उनके पास मुरादाबादी पीतल की एक डिबिया थी। वह एक साथ कई पान लगाकर रख लेतीं, फिर दिन भर आराम से खाती रहती।

दादी ने डिबिया अपनी चौकी पर रखी थी। पर अब जाने कहाँ गायब हो गई थी।



दादी ने कमरे का सारा सामान इधर-उधर कर दिया। बेड पर रखी किताबें, चादर सब हटाकर देख डाला। सारे कपड़े इधर-उधर बिखरा दिए। किताबों की अलमारी छान मारी। बेड के नीचे झाँका। मेज की दराज में तलाशा। खिड़की के आले पर देखा। पर डिबिया कहीं नहीं मिली।

तभी दादी की नजर बिल्लू पर पड़ी। वह तकिए के नीचे कुछ छिपाने की कोशिश कर रहा था।

‘‘शरारती, मेरी डिबिया छिपा रहा है?’’ दादी ने एकाएक पहुँचकर कहा।

बिल्लू हड़बड़ा गया। वह बोला, ‘‘दादी मैं तो चॉकलेट छिपा रहा हूँ। मेरे पास दो चॉकलेट हैं। दीदी की नजर पड़ी तो एक वह माँगने लगेगी।’’



दादी निक्की के कमरे में पहुँची। निक्की उन्हें देखकर चौंक गई। उसने जल्दी से अपने हाथ पीछे छिपा लिए।

दादी बोलीं, ‘‘अब आया चोर पकड़ में...!’’

पर जब निक्की ने हाथ सामने किए तो उसके हाथों में कॉमिक्स थी। वह बोली, ‘‘दादी प्लीज, मम्मी से मत कहना। मैंने अपना सारा होमवर्क पूरा कर लिया है।’’

दादी चाचू के कमरे की ओर बढ़ीं। चाचू दरवाजे की तरफ पीठ किए बैठे थे। दादी को देखते ही उन्होंने तकिया उठाकर गोद में रख लिया। वह कुछ छिपा रहे थे। दादी ने तकिया खींचा तो उनकी गोद में मोबाइल रखा था। वे छिपकर ऑनलाइन गेम खेल रहे थे।



अब दादी ने नौकरानी को बुलाया। नौकरानी गीले हाथ अपनी धोती में पोछते हुए आई।  दादी ने पूछा, ‘‘मेरे कमरे में झाड़ू कब लगाई?’’

‘‘मैं तो बर्तन धो रही थी। अभी झाड़ू कहाँ दी?’’

दादी परेशान हो गईं-- ‘तो फिर डिबिया आखिर गई कहाँ...?’

तभी लॉन से पापा ने आवाज दी। वे बाहर बैठे अखबार पढ़ रहे थे।

‘‘अम्मा, जरा यहाँ तो आइए...’’ वह हँसे जा रहे थे।

दादी लपकती हुई लॉन में पहुँचीं। पापा ने जैकी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘इसे देखिए। इसने क्या काम किया है।’’

दादी ने नजर दौड़ाई। देखते ही उनके मुँह से निकला, ‘‘ओह, तो ये करतूत इस बदमाश की है...’’

जैकी अपने पंजों में पान की डिबिया दबाए हुए था। वह उसे खोलने की कोशिश में जुटा था।

पीछे से बिल्लू, निक्की और चाचा भी आ गए। रसोई से मम्मी और नौकरानी भी झाँकने लगीं।

‘‘तो दादी, इस चोर को अब क्या सजा मिलेगी?’’ निक्की ने हँसते हुए पूछा।

‘‘हूँ...’’ दादी सिर हिलाते हुए बोलीं, ‘‘इसे सजा तो जरूर मिलेगी।’’

दादी अंदर चली गईं। लौटीं तो उनके हाथ में बिस्किट का एक पैकेट था।

जैकी भूखा था। बिस्किट पाकर वह खुश हो गया और जल्दी-जल्दी दुम हिलाने लगा।

‘‘ऐसे प्यारे चोर को ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए।’’ पापा ने हँसकर कहा।

उनकी बात पर सब हँसने लगे। दादी भी हँस पड़ीं। वह हँसीं तो उनके पोपले मुँह से हवा निकली फुस्स



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बहुत बहुत शुक्रिया